संज्ञा किसे कहते हैं।

 परिभाषा

संज्ञा का शाब्दिक अर्थ होता है , नाम। किसी प्राणी , वस्तु स्थान, भाव आदि का नाम ही उसकी संज्ञा कही जाती है। दूसरे शब्दों में किसी का नाम ही उसकी संज्ञा है तथा जिस नाम से वह पहचाना जाता है । 

  भाषा का प्रयोग बिना संज्ञा के सम्भव नहीं है ।

किसी वस्तु , स्थान का नाम ही उसकी संज्ञा होती है ।


जेसे

गंगा, यमुना, राम , सीता , 


अर्थ की दृष्टि से संज्ञा के 5 प्रकार होते हैं.

व्यक्तिवचाक संज्ञा

जातिवाचक संज्ञा 

भाववाचक संज्ञा

समूहवाचक संज्ञा 

द्रव्यवाचक संज्ञा 

संज्ञा            हिंदी व्याकरण

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