जीवन को बेहतर कैसे बनाएं

 




प्रबंधन से जीवन होगा होगा बेहतर

आज के युग में प्रबंधन बहुत जरूरी है यह भिन्न- भिन्न प्रकार का होता है। प्रबंधन से वर्तमान में किसी चीज का उत्पादन कर उससे ठीक-ठीक फायदा कैसे लिया जाए यह कुशल प्रबंधन द्वारा ही प्राप्त किया जा सकता है। आज इसकी बहुत आवश्यकता है। हम अपने अमूल्य शरीर का प्रबंधन नहीं कर पाने के कारण रोगी, दुःखी होकर पीड़ित होते रहते हैं इस प्रकार हम स्वयं के कुशल प्रबंधन से वंचित रह जाते हैं। प्रबंधन सुव्यवस्था है, आपसी मेल मिलाप है जहां ये दोनों होंगे वहां खुद-ब-खुद कार्य क्षमता व सुन्दरता में बढ़ोतरी होगी, हम जितना कर सकते हैं उससे बहुत अधिक खूबसूरती पूर्वक कर पाएंगे ।


चमत्कारी परिणाम मिलेगें

 इसे हम शादी विवाह, त्योहार, मेले, उत्सव इत्यादि में देख सकते हैं। इन अवसरों पर जिन दो व्यक्तियों में लंबे समय से किसी कारण कडुवाहट थी उसे भूलकर उस समय वे आनंद से भर जाते हैं जैसे दीपावली, होली और जैन समाज में क्षमावाणी पर्व है। जिनमें खोया हुआ स्नेह, प्यार पुनः आपस में एक दूसरे को मिल जाता है। हमारे पूर्वज अत्यंत कुशल व अनुभवी थे जो उन्होंने इस प्रकार का कुशल प्रबंधन आरंभ कराए। प्रबंधन के इस युग में धन सम्पदा, प्रतिष्ठा बहुत मिल रही है परन्तु इसके अन्तर्गत हमारा स्वास्थ्य जर्जर व असंतुलित होता जा रहा है जो इसी प्रबंधन की देन है। आधुनिक युग में प्रत्येक क्षेत्र में प्रबंधन का प्रचलन चोटी पर है जैसे- होटल मैनेजमेंट, कृषिमैनेजमेंट, केटरिंग मैनेजमेंट, बिजनेस मैनेजमेंट इत्यादि बहुत से मैनेजमेंट हैं। ये व्यवसाय को प्रभावित व चमत्कारित परिणाम उपलब्ध कराते हैं।

स्वास्थ्य का भी रखें खयाल

इसे कुशलतापूर्वक करने पर इससे कई व्यवसाय उन्नति पर पहुंच चुके हैं। प्रबंधन के स्वरूप में धन सम्पदा व सम्मान अत्यधिक है, लेकिन हम स्वयं के स्वास्थ्य को नजरअंदाज इसके रहते कर देते हैं। इसमें अत्यधिक सम्पत्ति अर्जित हो जाती हैं प्रतिष्ठा भी अत्यधिक मिल जाती है परन्तु स्वास्थ्य कमजोर व शरीर जीर्ण-शीर्ण हो जाता है।

प्रारंभ में हमारा अमूल्य शरीर अपने अन्दर होने वाले कष्टों, दुर्व्यवहारों को सहन कर लेता है पर एक हद के बाद उसमें विकार पैदा होने लग जाते हैं। वह पीड़ादायक स्तर पर पहुंच जाता है। इस पर यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो शरीर खोखला हो जाता है। हमें मान सम्मान धन सम्पदा खूब प्राप्त हो जाती है पर अन्दर से हमारी दयनीय दशा हो जाती है । पारिवारिक रिश्ते दरकने के स्तर पर आ जाते हैं।

यदि कोई व्यक्ति अपने व्यवसाय के कारण सुबह जल्दी घर से निकल जाता है और देर रात घर पर लौटता है तो अपनी संतान व रिश्तों को ठीक से देखभाल कैसे कर पाएगा? वह अपनी (लाइफ मैनेजमेंट) जीवन प्रबंधन में असफल हो जाता है। कुशल प्रबंधन भी और स्वस्थ जीवन भी रखने के लिए उचित खान-पान, आराम व नींद लेना भी बहुत जरूरी है। इस प्रकार स्वस्थ शरीर, सुखी जीवन के लिए यह बहुत जरूरी है कि हम क्या खाएं? खाएं? कितना खाएं? साथ ही उचित समय पर आराम से सो भी जाएं तब ही जीवन प्रबंधन में भी सफलता प्राप्त कर पाएंगे।

- हुकम चन्द सरसूनियां

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