सफलता को कैसे प्राप्त करें ।


असफल लोगों की कुछ विशेषताएं निम्नवत् हैं। 

 बेमानी बातों की बादशाही - 

असफल लोगों के पास बहुत शब्द होते हैं,  वे हमेशा गलत चीजों का जिक्र करते हैं, चिढना और बुदबुदाना उनकी आदत में शामिल हो जाता है , वे नए – नए श्रोता को ढूँढते रहते हैं,  उनकी नकारात्मक भावनाएं उनको इतिहास की बाते सोचने पर मजबूर करती हैं,  वे सुनने वाले को पागल कर देते हैं।

स्वयं पर दया

खुद पर रोना सबसे ज्यादा खतरनाक ,विनाशक और डरावना भाव है , खुद की इससे बड़ी बेइज्जती नहीं हो सकती, व्यक्ति को श्रम करना चाहिए और खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए ।

 

मनः स्थिति-

बड़े से हाथी को आसानी से बाँधा जा सकता है , इसका कारण है कि जब हाथी छोटा होता है , तब उसे एक मजबूत चेन से बाँध के रखा जाता है , वह बहुत जोर लगाकर भी उसे तोड़ नहीं पाता , धीरे – धीरे वह यह स्वीकार कर लेता है कि उसे दूसरों के अधीन रहना है ।  

मानसिक अवरोध

जिनका खुद का कोई नजरिया या सोच नहीं होती , वे वही विश्वाश करते हैं, जो दूसरे सोचते हैं, ।

एक बार एक आदमी घोडा खरीद कर जा रहा था , रास्ते में एक आदमी ने पूछा इतना तंदुरुस्त गधा कहाँ से लाए, मालिक चिल्लाया कि ये गधा नहीं घोडा है , थोडी दूर चलने पर कुछ बच्चे खेल रहे थे, उसमें से एक आदमी ने पूछा कि ये गधा कितना बोझ उठा सकता है, मालिक गुस्से से तिलमिलाया बोला बेवकूफों यह गधा नहीं घोड़ा है । मालिक परेशान हो गया , सोचा कि कहीं सच में ये गधा तो नहीं है । थोड़ी देर बाद वह एक छायादार पेड़ के नीचे आराम करने के लिए रुका , एक बूढ़ा आदमी भी वहीं आराम कर रहा था , क्या तन्दुरुस्त गधे हैं उसने फब्ती कसी ।

घोड़े का मालिक बौखला गया उसके मुँह से एक शब्द न निकला , वो घोड़े की सवारी जरूर कर रहा था , लेकिन उसका विश्वाश डगमगाने लगा , उसने सोचा कि जब मैं अपने गाँव जाउँगा और लोगों को पता चलेगा कि मैं बेवकूफ बन गया , तो बेईज्जती हो जायेगी.

तभी एक कुम्हार बर्तन लेकर जा रहा था उसने कहा कि मुझे गधे की जरूरत है , अपना गधा बेचोगे, मालिक का आत्मविश्वाश हिल चुका था , उसने बिना सोचे , समझे अपना घोड़ा बेच दिया ।

इसलिए विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मसंयंम को बनाए रखें ।  

 

हिंदी व्याकरण  |    संज्ञा    |  सर्वनाम    |  mahatma Gandhi Quotes in Hindi 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ