क्या कर्मों के फल सच में मिलते हैं।

                                         


आपने बचपन में पानी में पत्थर तो फेका ही होगा,
इससे छपाक की आवाज होगी  और 
 पानी की   लहरें उत्पन्न होगीं,
यदि कीचड़ में पत्थर फेकें
 तो कीचड़ उछलकर आस-पास फैल जायेगा
इसी प्रकार हमारा जीवन है ,
यदि हम सत्कर्म करते हैं तो इसका अच्छा प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है ,
परन्तु यदि कोई बुरा कर्म करते हैं तो इसका नकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है ।

अच्छे समाज का जन्म स्वयं से ही होता है , और अच्छा फल देता है । 

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